राष्ट्रपति से विवेक जी की मुलाक़ात

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से विवेक जी ने निमंत्रण पर मुलाक़ात की

आनंद ही आनंद के संस्थापक श्रद्धेय विवेक जी, माननीय राष्ट्रपति भारत सरकार, श्री रामनाथ कोविंद जी के साथ दिनांक ११ जून को आधिकारिक निमंत्रण पर मुलाक़ात की। 

आनंद ही आनंद के केंद्र, विश्व शांति, क्रांतिपीठ एवं देश एवं दुनिया के अनन्य विषयों के सम्बंध में चर्चा की। 

( फ़ोटो - @ Copyright President's Secretariat)

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से विवेक जी ने निमंत्रण पर मुलाक़ात की

राष्ट्रपति से विवेक जी की मुलाक़ात

यह चर्चा बंगलोर में वर्ष २००८ के मध्य में की गयी थी ।ये शब्द माननीय के द्वारा कार्यक्रम के दौरान बोले गए हैं, इन्हें जस का तस रखा गया है

राजनैतिक शून्‍यता

सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि जिनके जीवन में पवित्रता और शुद्धता है वहाँ से ही समर्पण,दान और सहभाजन शुरू होता है, इसलिए अक्षय तृतीया के दिन लोग कहा करते थे की पवित्रता को जीवन में प्रवेश कराएँ।

अक्षय तृतीया

माननीय विवेक जी का सन्देश कर्नाटक में लिए गए राष्ट्र विरोधी निर्णय पर

कर्नाटक के राष्ट्र विरोधी निर्णय पर