सुबह जागना जीवन है- क्यों? - विवेक जी


विवेक जी और युवा संवाद

विवेक जी लगातार इस पूरे राष्ट्र में संवाद करते हुए रहते हैं, इसी कड़ी में युवाओं से संवाद करते हुए - सुबह हमारा जागना वैसे ही है जैसे जीवन में अनंत की यात्रा में जाना-