क्रांतिपीठ

आज शिवरात्रि में "क्रांतिपीठ" से हज़ारों किलॉमेटर दूर क्रांतिदेव श्री शिव को मेरा प्रणाम। क्रांतिपीठ के निर्माण कार्य के लिए आज रात ऐसा आदेश सा होता हुआ प्रतीत हुआ की क्रांतिपीठ में २०२० महाशिवरात्रि अद्भुत पूर्ण विकास के साथ होगी, जब सारे शिव सूत्र पत्थरों में अंकित होकर क्रांतिपीठ में स्थापित होंगे।

साथ ही साथ आज ही के दिन यह निश्चय किया है की २०२० में पूर्ण रूप से क्रांतिपीठ ही आनंद ही आनंद का केंद्र बन जाएगा। आनंद ही आनंद की सारी गतिविधियाँ यहीं से संचालित होगी, और साथ ही साथ पूरे भारत में क्रांतिपीठ के उप पीठ स्थापित किए जाएँगें जिनका मूल कार्य स्वतः जीवन आयामों और जीवन दर्शन के साथ साथ, वाचन, मनन, चिंतन और दर्शन के साथ साथ सामाजिक विषयों पर जन जागरण और प्रायोगिक कार्य होगा।

२०२० में क्रांतिपीठ की पूर्ण स्थापना के बाद महाशिवरात्रि के एक महीने बाद मैं पूर्ण भारत की पद यात्रा में निकलूँगा, जो उप पीठों के विस्तार के साथ साथ शिव सूत्रों को भी जगह जगह स्थापित करेगी। शिव सूत्र पत्थर में टंकिट स्थापित किए जायेंगे। ( इसके बारे में पूर्ण विवरण श्रावण माह में )

क्रांतिपीठ मात्र एक मंदिर नहीं, एक ध्यानालय नहीं, बल्कि वो केंद्र होगा जहाँ जीवन चिंतन के समस्त सूत्र प्रयोग की भाँति समाज में पहुँचेंगे। अब एक सूत्र - एक आयाम क्रांतिपीठ, समय कम है।

जय शिव।