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चीन का दुःख

Writer: Admin
Admin
Sep 12, 2017
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चीन का दुःख

भारत मतों का, पंथो का सम्मान करता है, यहाँ का प्रधान कर्मचारी भी ईश्वर के प्रतिबिम्ब के सामने सर झुकाता है, वह ईश्वर के प्रार्थना स्थलों को स्वायत्ता देता है, लेकिन चीन में आप को धार्मिक भी सरकारी आधारित नीतियों पर हो सकते है, जरा सोचें चीन भारत के खिलाफ क्यों न हो ? जहाँ  व्यक्ति स्वतंत्र रूप से अपने मतों के आधार पर आध्यात्मिक हो  सकता हो ? जहाँ संन्यास लेने के लिए किसी माओवादी अफसर को सुचना  नहीं देनी होती ?


चीन का दुःख  भारत के भारत होने से है, जहाँ युद्ध की वेदी पर भी ईश्वर का नाम लेते हुए लोग कुर्बान हो जाते हैं।

 
 
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